लता मंगेशकर को संगीत सिखाने वाले उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा का निधन
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मशहूर शास्त्रीय गायक और संगीतकार उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान (Ustad Ghulam Mustafa Khan) का 17 जनवरी, 2021 रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 89 साल की उम्र में मुम्बई के बांद्रा स्थित अपने ही घर में अंतिम सांस ली। भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्म श्री, 2006 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म विभूषण अवॉर्ड से नवाजा था। उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान साहब के निधन पर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने शोक व्यक्त किया है।
15 साल पहले उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो गए थे। उन्हें लकवा भी मार गया था तभी से वह बीमार चल रहे थे। वह चल-फिर भी नहीं पाते थे। घर में ही उनका इलाज चल रहा था। उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा के बेटे रब्बानी मुस्तफ़ा खान ने उनकी मौत की खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा का निधन आज दोपहर लगभग 12 से 12.15 बजे के बीच हुआ।
सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा खान साहब की एक फोटो शेयर की। उन्होंने कैप्शन में लिखा, ”मुझे अभी ये दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक उस्ताद उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा खान साहब खान इस दुनिया में नहीं रहे। ये सुनकर मुझे बहुत दु:ख हुआ है। वो गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे।”
लता जी ने एक और ट्वीट में लिखा, ”मेरी भांजी ने भी खान साहब से संगीत सीखा है। मैंने भी उनसे थोड़ा संगीत सीखा था। उनके जाने से संगीत की दुनिया को हानि हुई है। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।”
Mujhe abhi abhi ye dukhad khabar mili hai ki mahan shastriya gayak Ustad Ghulam Mustafa Khan Saheb is duniya mein nahi rahe. Ye sunke mujhe bahut dukh hua. Wo gayak to acche the hee par insaaan bhi bahut acche the. pic.twitter.com/l6NImKQ4J9
— Lata Mangeshkar (@mangeshkarlata) January 17, 2021
प्रधानमंत्री मोदी ने भी जताया दुख
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने अपने ट्विटर हैंडल से उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा खान के साथ की एक तस्वीर शेयर की। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा खान साहब के निधन से हमारी सांस्कृतिक दुनिया को एक बड़ी क्षति पहुंची है। वह संगीत क्षेत्र की अग्रणी हस्ती थे, रचनात्मकता के दिग्गज थे जिनकी रचनाओं ने उन्हें कई पीढ़ियों तक पहुंचाया। उनके साथ संवाद की मेरी खूबसूरत यादें हैं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।’
स्मरण रहे कि पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे नागरिक अवार्ड से नवाजे गए उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा खान का जन्म 3 मार्च, 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। वह अपने परिवार में चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़े थे।